प्रिय मित्रों,
आप सभी को सुबह का प्रणाम मैंने आज सुबह भी अपने व्यायाम का नई सुबह का नया गोलपुरा किया।
मित्रों मुझे कल की एक घटना याद आती है और यह मैंने अक्सर देखा है कि व्यक्ति अपना आपा जल्दी खो देता है और उसका अपनी वाणी पर कंट्रोल नहीं रहता है जिससे कोई मामला बनने की अपेक्षा और उलझ जाता है कुछ लोग हमेशा कड़वा ही बोलते हैं मैं कह रहा था कल कार पार्किंग के लिए लगाते समय दो व्यक्ति आपस में उलझे हुए थे और आपस में लड़ रहे थे उनको मैंने समझाया आपस में क्यों उलझ रहे हो प्यार से समझाने पर वो शांत हुए ऐसा नहीं होना चाहिए हर व्यक्ति को अपनी वाणी पर कंट्रोल होना चाहिए अक्सर देखा जाता है व्यक्ति बिना कुछ सोचे समझे बोल देता है और अपने काम बिगाड़ देता है और वही बातें शांत तरीके से की जाए तो शायद उसका रिजल्ट कुछ और होगा इसलिए है मित्रों अपने आप को हमेशा शांत रखो सबसे सही और सटीक तरीके से बात करनी चाहिए कबीर दास ने कहा भी है।
ऐसी बानी बोलिए मन का आपा खोय।
औरन को शीतल करे और आप हो शीतल होय।