आज शिक्षक दिवस है और आप तो जानते ही हैं कि गुरु का दर्जा जीवन में कैसा होता है। कहते हैं कि बिना गुरु के ज्ञान नहीं मिलता। आज मार्केट में हमारे गणित के गुरु जी मिल गए। उनको प्रणाम किया। वे बड़े खुश हुए। हमने पूछा कि गुरु जी आज तो शिक्षक दिवस है आपको मैं एक गिफ्ट इस अवसर पर देना चाहता हूँ। तो वे छूटते ही बोले कि बच्चा तुम्हारा सबसे बाद गिफ्ट मेरे लिए यही होगा कि किसी को बताना नहीं कि मैं तुम्हारा गणित का शिक्षक था।
गुरु जी से घनघोर बेइज्जती करवाने के बाद भी मेरा मन नहीं भरा। मैंने सोचा कि गुरु जी को एक गिफ्ट तो देना बनता है। इसलिए ठेके पर जाकर उनके लिए teachers नाम की ह्विस्की की बोतल खरीद लाया और फिर उनके घर जाकर उनको गिफ्ट किया। गुरु जी बड़े खुश हुए। बोलने लगे कि बेटा तुम ही एकमात्र ऐसे छात्र रहे हो जिसने अपने गुरु का मान रखा, नहीं तो आज के जमाने में कोई याद नहीं करता। फिर बोले कि काश कि तुम पढ़ने में अच्छे होते तो मुझे बड़ी खुशी मिलती। मैंने भी बोला कि गुरु जी मैं पढ़ने में जैसा भी था पर अगर आप भी पढ़ाने में अच्छे होते तो मैं आज किसी सरकारी दफतर में क्लर्क बन जाता। वो तो अच्छा हुआ कि आपको पढ़ाना नहीं आया और मैंने ठेकेदारी शुरू कर दी। आज कितने ही पढे लिखे मेरे लिए काम करते हैं। गुरु जी को गुस्सा तो बहुत आया पर ह्विस्की की बोतल देखकर मन मारकर चुप हो गए। फिर गुरु जी और मैंने पूरी बोतल खाली कर दी।
घर आया तो देखा कि बीबी बहुत गुस्से में थी। उसने दारू के ऊपर मुझे इतने लेक्चर दिए कि मुझे लगा ये साक्षात गुरु स्वरूप देवी है। तुरंत उसके पैरों पर गिर गया। तब बीबी ने माफ किया। वास्तव में घर में बीबी का दर्जा भी गुरु जैसा ही है मित्रों। वो बीबी ही है जो आपको जिंदगी में बहुत कुछ सिखा देती है। उसके आने के बाद आपको अपने पुराने सिंगल लाइफ के बुरे दिन भी अच्छे लगने लगते हैं। आपका क्या ख्याल है?