सिर्फ कुछ मिनट इस ऊँगली को दबाये फिर देखे अद्भुत चमत्कार !!

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योगासन को शरीर के लिए बहुत अधिक लाभदायक माना गया है योगासन की कि हर तरफ़ उजाला कुछ देर योगमुद्रा लगाकर बैठना भी बहुत फायदेमंद होता है वैसे तो योग मुद्रा कई तरह की होती है लेकिन सूर्य मुद्रा लगाने के अनेक फायदे हैं। शरीर की उंगली यानी अनामिका जिसे रिंग फिंगर भी कहते हैं का समंदर सूर्य और यूरेनस ग्रह से होता है सूर्य उर्जा और स्वस्थ का प्रतिनिधित्व करता है और यूरेनस कामुकता और बदलाव का प्रतीक है। इस वजह को 15 मिनट करने से ऐसे 13 अद्भुत चमत्कार दिखते हैं जिसके आपने कल्पना भी नहीं की होगी......
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  1. इस मुद्रा से वजन कम होता है वह शरीर संतुलित रहता है मोटापा कम करने के लिए आप इस प्रकार का प्रयोग नृत्य करें यह बिना पैसे की दवा है।
  1. इस मुद्रा को रोज दो बार 5 से 15 मिनट तक अभ्यास करने से शरीर का कोलेस्ट्रॉल घटता है।

  2. वजन कम करने के लिए आसान क्रिया चमत्कारी रूप से कारगर पाई गई है सूर्य मुद्रा के अभ्यास से मोटापा दूर होता है तथा शरीर की सूजन दूर करने के लिए भी यह मुद्रा लाभकारी है।

  3. जिन स्त्रियों का बच्चा होने के बाद शरीर में मोटापा बढ़ जाता है वह अगर इस मुद्रा का नियमित अभ्यास करें तो उनका शरीर बिल्कुल पहले जैसा हो जाता है।

  4. सूर्य मुद्रा को रोजाना करने से पूरे शरीर में उर्जा बढ़ती है और गर्मी पैदा होती है तथा सूर्य मुद्रा को करने से शरीर में ताकत पैदा होती है।

  5. कमजोर शरीर वाले व्यक्तियों को यह मुद्रा नहीं करनी चाहिए वरना कमजोरी आएगी हां जी ने अपने शरीर फिल्म रखना है वह कर सकते हैं।

  6. यह जठराग्नि भूख को संतुलित करने पाचन संबंधी तमाम समस्याओं से छुटकारा दिलाती है।

  7. यह शरीर मुद्रा से सूजन मिटाकर उसे हल्का-फुल्का और चुस्त बनाती है।

  8. इस मुद्रा के नियमित करने से बेचैनी और चिंता कम होकर दिमाग शांत बना रहता है।

  9. सूर्य मुद्रा करने से शरीर में गर्मी बढ़ती है तो गर्मियों में मुद्रा करने से पहले एक गिलास पानी पी लेना चाहिए।

  10. प्रातः सूर्योदय के समय स्नान आदि से निवृत होकर इस मुद्रा को करना अधिक लाभदायक होता है सायं कालीन सूर्यास्त से पूर्व कर सकते।

  11. अनामिका उंगली पृथ्वी एवं अंगूठा अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करता है इन तत्वों से मिलकर शरीर में तुरंत ऊर्जा उत्पन्न हो जाती है।

  12. सूर्य मुद्रा के अभ्यास से व्यक्ति में अंतर्ज्ञान जागृत होता है।