युवा भाइयो को सन्देश 2

yash024u(50)
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मन ही मन भगवान श्री
विश्वकर्मा जी को याद करते हुए आप जैसे सुपुत्रों के
प्रति अमिट प्रेम उमड़ पड़ामुझे आभास हुआ कि आज
हमारे समाज में भी ऐसे कर्णधार हैं। जिनके मन में
अपने समाज के प्रति कुछ करने की तमन्ना है। मैंने
कई जातियों की सम्पादित पुस्तकें देखी और पाया
ति इस दुनिया में हम कितने पीछे हैं। मगर
जब आप द्वारा सम्पादित पत्रिका श्री विश्वकर्मा वंश
प्रभा का अंक पढ़ा तो मैं फूला नहीं समाया। इस अंत
को पढ़ने के पश्चात में समस्त सुथार समाज के नन्हें
मुन्ने भाई बहिनों का विशेष आभार प्रकट करता हूं कि
1 आज हमारा समाज देश की उन्नति में अपना योगदान
दे रहा है।
मैं (मीठा1974) निवासी र बी.ए. उत्तीर्ण
यवा वर्तमान में एक निजी शिक्षण संस्थान में
हूं।



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युवा भाइयो को सन्देश 2 | Ecency