AMEZING POEM

seemajay(47)
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प्रेम दिवस पर आज पड़ोसी फिर से प्रेम दिखाया है । सांप की फितरत जहर उगलना पुनः जहर उगलाया है ।

42 शेर जब गिरे धरा पर मां धरती का नूर गया । मेहंदी चूड़ी बिंदी महावर माथे का सिंदूर गया ।

पापा खेल खिलौने देंगे इसी प्यार में बैठे हैं । होली संग खेलेंगे बच्चे इंतजार में बैठे हैं ।

बच्चे नहीं जानते भारत मां की पीड़ा झेल गए । पापा एक माह पहले ही खून की होली खेल गए ।

जिनका रक्त बना पानी वह घर में ही बेहोश रहे । राजनीति के चरण चाटने वाले सब खामोश रहे ।

मुंह में गाली भरी हुई है निर्णय ना ले पाऊंगा । संस्कारों में बंधा हुआ हूं गाली ना दे पाऊंगा ।

ये मंजर ये मौसम सब बर्बादी जैसा लगता है । खुद का चेहरा भी मुझको अपराधी जैसा लगता है ।

सैनिक जितने मरे यहां पर जरा खोट मेरा भी है । तुम जिस दिल्ली में बैठे हो वहां एक वोट मेरा भी है ।

आतंक निकलता उसी कोख का फटना बहुत जरूरी है । इस्लामिक आतंकवाद का मिटना बहुत जरूरी है ।

शेर बना कर भेजे थे सियार पड़े हैं दिल्ली में । तीनों बंदर गांधी के बीमार पड़े हैं दिल्ली में ।

जो कुछ सेना को करना है कर जाने दो मोदी जी । फिर शेरों को सीमा के अंदर जाने दो मोदी जी ।

तुम दुश्मन से युद्ध करो हम अंदर सब कुछ सह लेंगे । एक समय खा लेंगे खाना या फिर भूखा रह लेंगे ।

जितनी ताकत शेरों में है सीमा पर दिखला दो तुम । सब कुछ महंगा कर दो लेकिन रक्षा बजट बढ़ा दो तुम ।

ओ सैनिक तुझसे कहता हूं कि अब बंदूक उठा ले तू । या सीमा से घर आ जा अपना संदूक उठा ले तू ।

सी आर पी एफ के शेर सुने सभी बलों के जवान सुने । खाकी वाले जरा सुने और फौजी देश की शान सुने ।

दुश्मन की सारी हरकत का अपनी संग में तोड़ रखो । 47 और ak-56 24 घंटे लोड रखो ।

ना सहो किसी भी गोली को बस इतना ही कर डालो तुम । पूरी मैगजीन दुश्मन की छाती में भर डालो तुम ।

तुम कोई कायरता वाला संदेश नहीं मानो सैनिक । पीछे हटने का आए आदेश नहीं मानो सैनिक ।

बंदूक उठा आतंकी की छाती पर चढ़ जाना तुम । एलओसी की लाइन लांघकर भी आगे बढ़ जाना तुम।

जवाब सभी गद्दारों को उनके ही रंग में दे आना । जो नेता बकवास करें उसको भी संग में ले जाना ।

कितनी ताकत भारत में है जग को यहां दिखा दो तुम । जो भी होगा देखेंगे बस पाकिस्तान मिटा दो तुम ।

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