Hello friend I sandeep kumar ,
तुमने ठुकराई मेरी मोहब्बत मान के गैर की बातों को,
तेरे लिए तडपता हुँ मैं आज भी दिन और रातों को ।
ओ बेरहम अब तो आके थाम ले मेरे हाथों को ,
नहीं तो तू भी तडपेगी कभी याद करके मेरी बातों को ।।1।।
तेरी बेवफाई ने हमें शायर बनाया हैंं ,
इससे बडा तोहफा क्या किसी और ने पाया हैं ।।2।।
🥀🥀🥀🥀 🥀 sandeep kumar 🥀🥀🥀🥀🥀