My Thirteenth poetry.!

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हेलो दोस्तो मैं सन्दीप ,और यह हमारी तेरहवीं कविता है ।
कविता मेंं दो पक्ष होते हैं भाव पक्ष और लिपि पक्ष यह कविता भाव पक्ष पर आधारित है ।

नाना हमारे बहुत महान,
उनका कितना करें बखान ।

दो मामा के बीचन में ,
हम थे नाना की जान ।

नाना हमारे बहुत महान,
उनका कितना करें बखान ।

चार छ: दिन जो न देखैं ,
फोन लगावैं हमारे नाम ।

उनका प्यार मेरे लिए ,
जग में है सबसे महान ।

नाना हमारे बहुत महान,
उनका कितना करें बखान ।

सन्दीप कहें नाना मेरे ,
मेरे लिए थे भगवान ।।

नाना हमारे बहुत महान,
उनका कितना करें बखान ।

Thanks friends ,
"Sandeep kumar"

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