सेना ने बदला फैसला, JCO होंगे गजटेड अधिकार

Words
259
Reading
2 min
9y
Listen to this post
~2 min

सेना ने जूनियर कमीशन्ड ऑफिसर (जेसीओ) को ‘गैर-राजपत्रित’ अधिकारी बताने वाले अपने एक पिछले नोट को खारिज करते हुए कहा कि जेसीओ राजपत्रित (गजेटेड) अधिकारी होते हैं. इस कदम से 64 हजार से अधिक जवानों को फायदा होगा.

सेना ने दो दिन पहले यह निर्णय लिया जो बड़ी संख्या में इसके जवानों के बीच वेतन-असमानता तथा रैंकिंग से संबंधित मुद्दों को लेकर उपजे असंतोष के बीच लिया गया.

सेना मुख्यालय ने एक आधिकारिक प्रपत्र में 2011 में एक आरटीआई अर्जी के जवाब में जारी अपने एक पत्र को रद्द कर दिया है. इस पत्र में कहा गया था कि जेसीओ गैर-राजपत्रित अधिकारी होते हैं. यह दस्तावेज पीटीआई को उपलब्ध हुआ है.

उच्च पदस्थ आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि सेना ने जेसीओ के दर्जे पर 2011 में बड़ी गलती की थी और अब सेना मुख्यालय ने अस्पष्टता को समाप्त करते हुए साफ कर दिया है कि जेसीओ राजपत्रित अधिकारी हैं.

इस नये फैसले से नायब सूबेदार, सूबेदार और सूबेदार मेजर की तीन श्रेणियों में बंटे 64 हजार से अधिक जेसीओ को लाभ होगा. 2011 के नोट से जेसीओ के बीच व्यापक नाराजगी देखने को मिली थी.

जब पूछा गया कि सेना मुख्यालय ने 2011 में गलती कैसे कर दी तो एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा कि सैन्य कानून के मैनअुल में अधिकारियों और जेसीओ की अलग अलग परिभाषाएं हैं और यह नियम पुस्तिका की गलत व्याख्या का मामला हो सकता है.

पत्र जारी करना सेना द्वारा सरकार को यह संदेश देने के तौर पर देखा जा रहा है कि जवानों के एक वर्ग की शिकायतों पर ध्यान दिया जाए.797b9784b60cbc2243a3ea84907000c6.jpg

सेना ने बदला फैसला, JCO होंगे गजटेड अधिकार | Ecency