एक शाम शहीदों के नाम

fallen1(58)
Published in
#india
Words
298
Reading
2 min
Listen
Play
8y

वैसे तो आप जानते हो कि हिंदुस्तान के लिए बहुत सारे लोगों ने कुर्बानी दी है उसी के अंदर एक ऐसा नाम भी जुड़ा हुआ है जिसके बारे में आपने सुना तो होगा मगर एक बहुत बड़ी तादाद है हमारे देश में जो इनके बारे में नहीं जानते मैं आज आपको वीर शहीद केसरी चंद के बारे में बताना चाहता हूं और

Image Source
वह भी बहुत ही शॉर्ट में यह 24 साल की उम्र में ही इनको फांसी की सजा सुनाई दी गई थी 3 मई 1945 मैं उनको सजा सुनाई दी गई थी और यह भी इसलिए कि उन्होंने ब्रिटिश के खिलाफ जंग छिड़ी थी उसी के ऊपर इनके ऊपर बहुत सारे मुकदमे दर्ज कर दिए गए और उसी के आधार पर इनको

Image Source
फांसी की सजा सुनाई दी गई मगर यह वह जहां बात बंदा था जिसने मौत की परवाह किए बगैर फांसी को अपने सीने से गले लगा लिया और हमेशा हमेशा के लिए अलविदा कर दिया और हम भारतीयों को एक नई हिम्मत दी देहरादून में हर साल इनकी याद मनाई जाती है जैसा कि आप

Image Source
तस्वीरों में देख सकते हैं कि उनके चाहने वालों की कोई कमी नहीं है यह हमारे भारत के बहुत ही बड़े
अनमोल हीरे हैं हमें कभी भी अपने शहीदों को नहीं भूलना चाहिए उनके याद मनाते रहना चाहिए इससे हमें हमारे भारत के जो शहीदों ने जो कुर्बानी दी है उसे याद ताजा करने का एक सुनहरा मौका होता है इसलिए हम इनको हर साल याद करते हैं मगर हम सिर्फ याद ही ना करे बलके आप भी भारत के लिए जो हो सके भारत के भलाई के लिए आप अपने आप को भी देश के लिए आगे पेश कीजिए ताकि आने वाले दिनों में हम अपने भारत को और सुरक्षित कर ना सके