बायनांस ने किया भारत की सबसे सफलतम एक्सचेंज वज़ीरएक्स का अधिग्रहण

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21 नवम्बर की सुबह भारत की क्रिप्टो कम्युनिटी के लिए एक खास खबर ले कर आई जब ट्विटर के माध्यम से क्रिप्टो की सबसे बड़ी एक्सचेंज बायनांस के सी ई ओ और भारत की सबसे सफलतम एक्सचेंज वज़ीरएक्स ने यह जानकारी दी की बायनांस ने वज़ीरएक्स का अधिग्रहण कर लिया है। यह खबर कल सभी सोशल मीडिया की सुर्खियां थी और सभी लोग वज़ीरएक्स के सी ई ओ निश्चल शेटी को बधाई दे रहे थे।

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दरअसल बायनांस पूरी दुनिया मे देशों की राष्ट्रीय मुद्रा से क्रिप्टो को खरीदने और बेचने के लिए आसान तरीके को बना रहा है और वह कई देशों मे इस मॉडल को सफलता पूर्वक चला भी रहे हैं। अगर हम भारत की बात करे तो यहां पर परिस्थियां कुछ अलग है क्योंकि यहां सबसे पहली समस्या है लोगों मे क्रिप्टो को ले कर जागरूगता बहुत कम है अगर सही तरीके से देखे तो शायद 50 हज़ार एक्टिव लोग भी भारत मे नहीं होंगे जो क्रिप्टो को समझते और जानते हैं। फिर रिज़र्व बैंक ने जो क्रिप्टो की खरीद पर रोक लगा दी उसने भी लोगों में बहुत नकारात्मकता पैदा की क्रिप्टो को ले कर।

ऐसे मे जब सभी लोग और एक्सचेंज क्रिप्टो को छोड़ रहे थे तो निश्चल शेटी ने पी2पी का एक नायाब तरीका निकाला जहां पर लोग रिज़र्व बैंक की रोक के बाद भी आसानी से क्रिप्टो को रुपए से खरीद सकते हैं। फिर क्रिप्टो पर सरकार द्वारा बैन की बात सामने आयी तो फिर निश्चल शेटी ने #indiawantcrypto अभियान शुरू किया और बिना एक दिन भी रुके एक साल से भी ज्यादा समय से ट्वीटर के माद्यम से सरकार को जागरूक करने की कोशिश कर रहे हैं। इन्ही कारणों से निश्चल और वज़ीरएक्स का ग्लोबल मार्केट मे मशहूर होना लाज़मी था।

बायनांस और वज़ीरएक्स का मिलना इसी बात से हुआ क्योंकि वज़ीरएक्स का पी2पी मॉडल बायनांस के अभियान को सपोर्ट करते हुए भारतीय जनता को उनकी मुद्रा रूपए से क्रिप्टो को खरीदने और बेचने का एक अच्छा माहौल दे सकेगा।ऑनलाइन खबरों को देखें तो अगले साल की पहली तिमाही मे यह शुरू हो जायेगा लेकिन एक ट्वीट के जवाब मे निश्चल ने इस बारे में जल्द ही AMA करने की बात कही जहां वो इस अधिग्रहण के सभी विषयों को साफ करेंगे। इस अधिग्रण से जो सबसे बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं वो है राष्ट्रिय मुद्रा से क्रिप्टो का आसानी से खरीदना और बेचना और दूसरा इस से क्रिप्टो के काले बाजार पर रोक लगेगी जहां पर क्रिप्टो को कीमत से बहुत ज्यादा कीमत पर बेच जाता है। साथ ही लोगों के साथ होने वाले धोखे पर भी रोक लगेगी जैसा की अक्सर सुनते है कि पैसा लेने के बाद भी व्यक्ति को उसकी क्रिप्टो नही मिली और इस बारे मे वह पुलिस रिपोर्ट भी नही लिखवा पाते।

जहां एक तरफ लोग इस अधिग्रण से खुशियां मना रहे थे वही बिटकॉइन ने नीचे गिरने की ऐसी रफ़्तार दिखाई की यह 8500 से गिर कर 7500 पर पहुच गया और इसका बहुत बड़ा कारण माना जा रहा है एक खबर जहां यह कहा जा रहा है कि बायनांस के कार्यालय पर पुलिस की रेड पड़ी है और बायनांस का ऑफिस बंद कर दिया गया है हालांकि बायनांस के सी ई ओ ने इस खबर का खंडन किया तो दूसरी तरफ कुछ विशेषग्यो का कहना है कि बिटकॉइन का नीचे आना तकनिकी तौर पर पहले से ही चार्ट मे दिख रहा था खैर बात जो भी हो लेकिन इस अधिग्रण के अंदर की बातें इसके फायदे और नुकसान क्या हैं यह तो समय ही बताएगा लेकिन इस बीच कुछ लोगों के ट्वीटर पर कुछ दिलचस्प प्रश्न थे जैसे की – निश्चल शेटी को बायनांस से कितना पैसा मिला होगा और यह क्रिप्टो मे मिला होगा या राष्ट्रिय मुद्रा में ? कुछ का कहना है कि अब बायनांस वज़ीरएक्स और अपने तरीके से चलाएगा जहा निश्चल शेटी का कोई रोल नही होगा। एक ट्वीट ने तो यह भी लिख दिया ही इस अधिग्रण ने बिटकॉइन को डुबो दिया।

यह अधिग्रण निश्चल शेटी वज़ीरएक्स और सारी टीम की मेहनत का नतीजा है कि दुनिया की नंबर एक क्रिप्टो एक्सचेंज बायनांस ने वज़ीरएक्स को अपने साथ मिलाया है। इतिहास गवाह है कि इस तरह के अधिग्रण अक्सर अच्छा परिणाम ही देते है और निश्चल शेटी टीम और बायनांस टीम के दिमाग और दूरदर्शिता को सारी दुनिया देख चुकी है।

बायनांस ने किया भारत की सबसे सफलतम एक्सचेंज वज़ीरएक्स का अधिग्रहण | Ecency