“किस्मत तो उनकी भी होती है, जिनके हाथ नहीं होते।”
“आज मैं जो कुछ हूँ अपने failures की वजह से हूँ
“चलता रहूँगा पथ पर, चलने में माहीर हो जाऊँगा, या तो मंज़िल मिल जायेगी, या अच्छा मुसाफिर बन जाऊँगा
मंजिल चाहे कितनी भी उंची क्यो ना हो दोस्तो! रास्ते हमेशा पेरो के नीचे होते हे।”
मज़िल पाना तो बहुत दूर की बात है, गरूर में रहोगे, तो रास्ते भी न देख पायोगे।”
“एक हारा हुआ ईन्सान, हारने के बाद भी स्माईल करे तो, जितने वाला अपनी जीत की खुशी खो देता है।”