My seventh poetry,सावन बडा सुहाना..

Words
95
Reading
1 min
8y
Listen to this post
~1 min

Hello friends I sandeep kumar this is my seventh poetry It is in hindi..
सावन बडा सुहाना ,
हरियाली आई तो मैं जाना ,
झूला पडा जब बगियन मे,
गोरियां गांवै गीत सुहाना,
हरियाली आई तो मैं जाना,
सावन बडा सुहाना,
मेघ बरसते रिमझिम रिमझिम,
कोयल कूके हर गलियन मेंं ,
मोर नाच भये मस्ताना ,
सावन बडा सुहाना ,
हरियाली आई तो मैं जाना ,
सन्दीप कहें अब मैं जाना,
सावन का कविगण क्यों करे बखाना,
सावन बडा सुहाना ,
हरियाली आई तो मैं जाना )
three-1312869_640.png
roads-212386_640.jpg
Tell me how this poem you...
Thank you friends..