बिटकॉइन एक आभासी मुद्रा है। जिसकी सुरुवात 2009 में satosi nakamoto द्वारा की गई थी। हालांकि कुछ लोगो का मानना है कि satosi nakato एक ग्रुप था। और कुछ लोग इस पर भी अपनी सहमति नही जता रहे है।
बिटकॉइन को लाने का मकसद उस समय, एक ब्यक्ति दूसरे ब्यक्ति से आपस मे लेन देन करना था। यानी बिना किसी तीसरे ब्यक्ति या संस्था का सहारा लिए दुनिया के किसी भी कोने से 2 ब्यक्ति आपस मे लेन देन आसानी से कर सके। 2014 से बिटकॉइन को दुनिया समझने लगी । लोगो का बिटकॉइन पर विशवास बढ़ता गया । और धीरे धीरे बिटकॉइन ने करेंसी का रूप ले लिया। और आज बिटकॉइन दुनिया की सबसे महंगी करेंसी बन गयी है।
ऐसा कहना भी गलत नही है। अगर internet एक देश होता टी वहां की राष्ट्रीय मुद्रा बिटकॉइन होती।
बिटकॉइन पर लोगो का भरोसा इसलिए भी बढा क्योकि बिटकॉइन ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी पर आधारित है। यह टेक्नोलॉजी बहुत ही सिक्योर है। इसको हैक करना इम्पॉसिबल वाली बात है।
बिटकॉइन के सभी लेनदेन ब्लॉकचैन पर सेव रहते है
बिटकॉइन की लेनदेन फीस भी बैंको की अपेक्षा बहुत ही कम है। ब्लॉकचैन बहुत ही फ़ास्ट टेक्नोलॉजी है। सेकेंडो में आप दुनिया के किसी भो कोने से किसी भी कोने में मनी भेज सकते है।