Stop The Think Of Rape

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पुरुष एक स्त्री के पैरो के बीच से जन्म लेता है। उसके बाद
वक्षस्थल से निकले "दूध" से अपनी "भूख" प्यास मिटाता है।SAVE_20180703_194555.png फिर वह धीरे धीरे बड़ा होता है। जैसे ही युवा अवस्था मे पहुचता है। एक लड़की या औरत से इन्ही दो अंगों की चाहत रखता है। और वह इन दो अंगों को पाने के लिए तरह तरह के नाटक करता है। जैसे प्यार का नाटक, उसे कुछ देने का नाटक।

अगर वह अपने सभी प्रयासो में असफल होता है तो इसी चाहत को पूरा करने के लिए वह घिनौने तरीकों से अंजाम देता है। जिसे 'बलात्कार' कहते है। और फिर समाज और प्रशाशन के डर से वह उसकी हत्या कर देता है। ताकि वह किसी को बता न सके कि उसका बलात्कार हुआ है।

ऐसे लोग समाज को गंदा करने में कोई कमी नही छोड़ते है।

"बलात्कार" और फिर "हत्या"।
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"जननी" वर्ग के साथ इस तरह की "मानसिकता" क्यूँ?

"वध" होना चाहिए ऐसी दूषित मानसिकता रखने वाले लोगों का...

"महिलाओं" के साथ इस तरह का "दुर्व्यवहार" इस दुनिया का सबसे नीच, गन्दा, शर्मनाक कृत्य है...

हर नारी की इज्जत करे ,,,,

#Respect_womens
#Stop_The_Think_Of_Rape

Stop The Think Of Rape | Ecency