बच्चे मामा जी और लहर

iamindian(41)
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मारिया के मामा की कहानी, जिन्होंने खेल-खेल में बच्चो को जीवन का जरुरी पाठ सिखाया।

गर्मी की छुट्टियों में मारिया और उसके सारे भाई-बहन नानी के घर पर इक्कठा हुए। उन दिनों मारिया के मामा भी अमेरिका से आये हुए थे। मामा बोले, चलो आज में सारे बच्चो को बीच दिखने ले जाऊंगा।

लेकिन वहां समुन्द्र के किनारे सभी को अपना-अपना रेत का महल बनाना होगा।महल बनाने के लिए सब अपने अपने औजार अलग से लेकर जाएंगे। अंत में जिसका महल सबसे अच्छा बनेगा, और सबसे ज्यादा देर टिकेगा, उसे मैं इनाम दूंगा। बच्चो की ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं था।समुन्द्र किनारे पहुचकर सबने लहरों से बस थोड़ी ही दूरी पर अपने अपने महल बनाने शूरू कर दिए। सारे बच्चे बड़ी मेहनत से लगे हुए थे और मामा जी सबको खूब प्रोत्साहित कर रहे थे। बच्चो के साथ-साथ मौसी, मौसा और नानी भी समुन्द्र का मजा उठा रहे थे।

शाम के वक़्त लहरें बढ़ जाती हैं, यह सबको पता था। उससे पहले कौन सबसे बड़ा महल बना लेगा, यही चूनौती थी। सारे बच्चे बड़ी महनत से लगे हुए थे।जब सबके महल तैयार ही होने वाले थे, की समुद्र की लहरों ने सबकी मेहनत पर पानी फेर दिया। लेकिन बच्चे यह देख कर ठहाके लगा रहे थे। सारे महल पानी में बह चुके थे।

मामा बोले, कितनी अजीब बात है सारी मेहनत पानी में बह गई, पर सबको हँसी या रही है, क्योँकि पहले से ही पता था कि यह महल रेत का है, जो पानी आते ही बह जायेगा। ठीक इसी तरह जब कल आप कॉलेज से निकलेंगे, और मेहनत से अपनी-अपनी कंपनी या संस्थाओं को खड़ा करेंगे, तब अगर आपका सपना टूट जाये, तो क्या आप हस सकेंगे। हां , हम ऐसा कर सकते है।

अगर आज का अनुभव याद रख सके तो। महल कितना भी मजबूत हो, उसे बिखर ही जाना है। पर अगर विश्वास मजबूत हो, तो हम ऐसे हजारो महल दोबारा खड़ा कर सकते हैं।

खुद पर विशवास हो तो बड़ी से बड़ी चुनोती पर भी फतह हासिल की जा सकती है।

दोस्तों कहानी आपको कैसी लगी कृपया कमेंट मैं जरूर बताये और उपवोटे करना न भूलें धन्यवाद जय हिंद

iamindian@iamindian

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