अंधश्रद्धा भी एक बड़ी बीमारी होती है जो सबसे ज्यादा लोगो को लगी हुई है।
बात करता हु 1910 के जमाने की अमेरिका और यूरोपियन देशो की जब एक सितारा जिसका नाम हेली का धूमकेतु है जो 1910 में दिखाई दिया था। आप मे से बहुत से लोगो ने इस स्टार के बारे में पढ़ा होगा। ये पुछड़ी वाला (comet) सितारा हर 76 साल में दुनिया के करीब आता है और दिखाई देता है। आखरी बार 1986 मे वो दुनिया में दिखाई दिया था। अब 2062 में दिखेगा। जब 1910 में ये पुछड़िया तारा दुनिया के करीब आने वाला था तब किसी ने एक अफवा फैलायी जिसमे कहा गया के 18 मई 1910 को ये 16करोड़
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किलोमीटर लंबी पूंछ वाला तारा दुनिया के करीब आएगा और इस तारे की पूंछ जिसमे सायनोजेन (C2 N2) नाम का ज़हरीला वायु (gas) होगा जो दुनिया में फैलेगा तो पूरी दुनियां के लोगो की सांसो में ज़हर भर जाएगा ओर सारे लोग मर जायेंगे। केमिल फ्लेमारियो नाम के खगोल शास्त्री का हवाला देकर महान अखबार न्यूयार्क टाइम्स ने इस खतरे को पूरी दुनिया मे फैलाया ओर इसको इंग्लिश में COMET'S POISIONOUS TAIL का टाइटल दिया। इसके बाद दुनिया मे अफरातफरी मच गई। लोगो ने गैस मास्क खरीदना सुरु किया जिस से गैस मास्क की कीमतें बढ़ गयी और सारा स्टॉक खत्म हो गया। गैस मास्क बनाने वाली कंपनी को अरबो रुपये
का फायदा हुआ। कुछ लोगो ने अपने घर मे खाने पीने का सामान भर लिया और अपने घर के सारे खिड़की दरवाजे बंद कर दिए और दरवाजे के की होल में भी कागज के टुकडे भर दिए। और खिड़कियों के छेद बंद कर के अपने आप को सुरक्षित कर घर से बाहर निकलना बंद कर दिया। कुछ दवाई की कंपनी ने भी इस बहती गंगा में हाथ धोना चाहा। ओर पूरा नाह ही लिया। उन्होंने COMET पील्स (गोलियां) नाम की दवा बनाई और लोगो से कहा के ये दवाई पीने के बाद कोई भी ज़हरीली गैस आपको असर नही
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करेगी। लोग उस दवाई पर भी तूट पड़े और दवा की कंपनी को मालामाल कर दिया। कुछ लोग अपनी मौत का डर देखकर आस पास के चर्चो में आसरा लिया और god की गोद मे मरने के लिए तैयार थे। कुछ ईसाईयों ने जेरुसलम के Armageddon पहाड़ी पर चढ़ गए। उनका कहना है कि ये पहाड़ सीधा हेवन (जन्नत) के साथ जुड़ा है मतलब मारने के बाद सीधा जन्नत में एन्ट्री। बहुत से मानसिक तौर से परेशान लोगो ने आत्महत्या की पर.......अंत मे ऐसा कुछ भी नही हुआ। धूमकेतु आया और चला भी गया। ना उसकी पूंछ में कोई पोइज़न था और ना उसकी पूछ दुनिया से टकराई। सवा दो करोड़ किलोमीटर दूर से निकल गया और दुनिया
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आज भी कायम है। बस अफवाह फैलाने का काम मत करो। उस वक़्त व्हाट्सएप नही था फिर भी इतनी बुरी हालत हुई थी। आज व्हाट्सएप या ओर सोसिअल साइड्स पर भी यही हो रहा है। अगर आपको कोई बेवकूफ अफवा भरा मेसेज भेजे तो आप उसको वही पर रोक दे ना कि अपनी होशियारी दिखाने उसको दूसरे ग्रुप में फॉरवर्ड करे। क्युके कही न कही किसी भी ग्रुप में दो से दस बेवकूफ आपकी बात को सच मानकर ज्यादा फैला देते है और ये सिलसिला चलता ही रहता है।