तेरा ही अक्स अक्सर नुमाया होता है,
बंद आंखों में परदे की मानिंद छाया होता है।
यह सच है कि तू अखगर है,पर मैं भी,
ज़िद पर अड़ा हूँ,तेरी अक़ीक़ से अंज़ीदा होना चाहता हूँ।।
अखगर(आग की चिंगारी),अक़ीक़(गरम),अंजीदा(ज़ख़्मी)
तेरा ही अक्स अक्सर नुमाया होता है,
बंद आंखों में परदे की मानिंद छाया होता है।
यह सच है कि तू अखगर है,पर मैं भी,
ज़िद पर अड़ा हूँ,तेरी अक़ीक़ से अंज़ीदा होना चाहता हूँ।।
अखगर(आग की चिंगारी),अक़ीक़(गरम),अंजीदा(ज़ख़्मी)