भावों को मजबूती देने के लिए अब मसूर का भी हो सकता है निर्यात

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अरहर/तुर, उड़द और मूंग के बाद अब केंद्र सरकार मसूर की दाल के निर्यात को भी जल्द ही मंजूरी दे सकती है। इसके पीछे कारण यह माना जा रहा है कि इस बार दालों का अधिक उत्पादन होने के कारण चना और मसूर जैसी दालें अभी भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे बिक रही हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय मसूर दाल के निर्यात को जल्द ही मंजूरी देने पर विचार कर रहा है। 2016-17 में भारत में करीब 270 लाख टन दालों का उत्पादन हुआ था जबकि देश में दालों की कुल खपत 260 लाख टन थी। लेकिन सरकार ने बफर

भावों को मजबूती देने के लिए अब मसूर का भी हो सकता है निर्यात | Ecency