... पास आके देखो परखो फिर खरीदो !
क्या दाम बोलती ? बिरादर ज्यादा नही 1,000 दीनार !
बहुत ज्यादा दाम है ? 300 में देती बोलो क्या बोलती ?
क्या बिरादर 300 दीनार में, मेरा बस चले तो खुदा कसम मैं 2,000 दीनार से कम ना बेचु !
'गोलान' पहाड़ी का 'फिलिस्तीनी' माल है, बहुत मज़ेदार जायकेदार, एक चखोगे बिरादर दुबारा तुम हमसे मांगेगी !
क्या बोलती ? वही जो तुम सुनती !
ठीक है 900 दीनार में पैक करो अब इससे ज्यादा हम नही देगी !
क्या बिरादर तुम भी, अच्छा बोहनी का बखत है लेलो !
कहानी नही है हक़ीक़त है अरब से लेकर यूरोप तक ग़ुलाम बिका करते थे, सड़कों पर कौड़ियों के मोल !
पश्चिम के लेखकों ने उस पर शोध अध्ययन कर विस्तार से लिखा है !
भारत के ब्राह्मण लेखकों की तरह छुपाया नही !
भारत में भी इसी तरह महिला ग़ुलाम बिका करती थी, रामायण महाभारत में इसका उल्लेख मिलता है !
मैं वो जानना चाहता जो आप कभी नही जानना चाहते, लंका विजय की खबर हनुमान भरत को देते हैं, आगमन की ख़ुशी में राजा भारत हनुमान को 1,000 कुंवारी कन्याओं को भेंट के रूप देते हैं !
महाभारत में कृष्णा जब पहली बार हस्तिनापुर पधारते हैं, राजा धितराष्ट्र उपहार में उन्हें 2,000 कुंवारी दासी भेंट करते हैं !
कहाँ से आयी इतनी कुंवारी बच्चियां इसकी जांच होनी चाहिये, इस पर शोध कार्य अध्ययन किया जाए लिखा पढ़ा जाये