MACCA MADINA SHARIF

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असलामु अलैकुम भाई और बहनों इमरान मोवरा आप सभी का मैं आप सभी लोगों का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं इंशाल्लाह आप सब खैरियत से होंगे आज मैं आपको बताने जा रहा हूं।

शब ए बारात की रात का वजीफा शब-ए-बारात की शबे बारात की रात का वजीफा हर जायल हाजत और आज का जो हमारा वजीफा है वह हर जाइज हजरत और जायज मुराद के लिए है जायज कोई भी हो सकती है।

किसी परेशानी के लिए शादी के लिए किसी काम में कामयाबी के लिए कारोबार में बरकत के लिए कोई भी आपकी जायज हाजत हो इंशा अल्लाह आज का जो हमारा वजीफा है इसको करने से आपकी हर जायज हाजत पूरी होगी।

सावन की 15 तारीख यानी सबे बारात की रात को आप ईशा की नमाज की नमाज पढ़ने के बाद सबसे पहले 2 रकात नफिल पढ़ें और उसके तौबा अस्तगफार करें।

अल्लाह से रो-रो कर अपने गुनाहों की माफी मांगे और उसके बाद जो मैं आपको वजीफा बताने जा रहा हूं उसको करें इस वजीफे को करने की इजाजत आम है।

इसको कोई भी कर सकता है बिना किसी की इजाजत लिए हुए बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम 11 मर्तबा दुरूद ए पाक पढ़ें।

और 300 मर्तबा ला इलाहा इल्ला अंता शुबहानाका ईननी कुंतू मिनज जालेमीना उसके बाद 100 मर्तबा पढ़ें या वाहबो और उसके बाद पढ़ने 125 बार सूर्य फातिया भडे।

और उसके बाद 11 मर्तबा दरुदे पाक पढ़ने जो आपने पहले पढ़ा था जिस तरह से आपको सब बताया गया है आपको ठीक बस यही पढ़ना है सबसे पहले 2 रकात नफिल पढ़नी है।

वजीफा शुरू करने से पहले और उसके बाद तौबा अस्तगफार करनी है उसके बाद जो वजीफा बताया है उसको करना है यह सब ईशा की मुकम्मल नमाज पढ़ने के बात करना है।

इसको कोई भी कर सकता है चाहे वह कोई मर्द हो या औरत कर सकता है इस वजीफे को करने के बाद अल्लाह तबारक ताला की बारगाह में रो-रो कर आजजी दुआ करनी है।

इंशाल्लाह उस रात आपकी हर जायज आजत और दुआ पूरी होगी इंशाल्लाह यह वजीफा सिर्फ जायज हाजत और मुराद के लिए करें सबे बारात की रात ही फजीलत तो वाली रात है।

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Makka Madina – मक्का मदीना सऊदी अरेबिया के हज का शहर है। यह मक्का साम्राज्य के शासक की राजधानी है। समुद्र सतह से 277 मीटर (909 फ़ीट) ऊँची जिन्नाह की घाटी पर शहर से 70 किलोमीटर अंदर स्थित है। 2012 तक तक़रीबन वहाँ 2 मिलियन लोग रहते थे, बल्कि इसके तीन गुना लोग प्रतिवर्ष लोग इसे देखने आते है। ज्यादातर मुस्लिम लोग धु-अल-हिज्जाह के बारहवे लूनर महीने में हज की यात्रा पर जाते है। कहा जाता है की यह स्थान मुहम्मद का जन्मस्थान और क़ुरान की पहली आकाशवाणी का स्थान भी है (यहाँ मक्का से 3 किलोमीटर की दुरी पर एक विशेष गुफा भी है)। इस्लाम धर्म में मक्का को सबसे पवित्र शहर माना जाता है।

तो मेरे इस्लामिक भाइयों आपने देखा के आज हमें इस्लामी बातें जाने को मिली शब-ए-बारात के बारे में जानने को मिला भाइयों अब मुझे दीजिए इजाजत अगली बार फिर मिलेंगे।

taufeeq@taufeeq

एक नई न्यूज़ के साथ अच्छी खबर के साथ कुछ नया ला सकु ऐसी कोशिश करूंगा तो दोस्तों मेरे प्यारे भाई इस्लामी भाइयों आप सभी का खूब खूब शुक्रिया खुदा हाफिज।

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MACCA MADINA SHARIF | Ecency