सबसे घातक हथियार,ताकतवर चीनी सेना के पास हैं, जानें कहां ठहरता है भारत!
चीन की बढ़ती ताकत से सभी देश परेशान हैं. चाइना अमेरिका को आंखें दिखाता है, तो पड़ोसियों भारत, वियतनाम, जापान, फिलीपींस, ताइवान को दबाकर रखना चाहता है. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि आखिर चीन की ताकत कितनी है. आइए जानते हैं कितनी सैन्य ताकत है चीन के पास और भारत कहां ठहरता है इसके आगे.
सैनिकों की बात करें तो चीन के पास दुनिया की सबसे बड़ी सेना है. चीन के पास 22 लाख 85 हजार सशस्त्र सैनिक हैं, तो 5 लाख 10 हजार रिजर्व सैनिक भी हैं. यही नहीं अर्धसैनिक बलों के रूप में चीन के पास 6 लाख 60 हजार सैनिक हैं.
डीएफ-26 मिसाइल: चार हजार किलोमीटर दूर तक हमला करनेवाले इस मिसाइल को ‘गुआम किलर’ की संज्ञा दी जाती है क्योंकि गुआम में स्थित अमेरिकी नौसैनिक बेड़ा इसके दायरे में है.
डीएफ-21डी मिसाइल: युद्धपोतों को नष्ट करने की क्षमता रखनेवाला यह बैलेस्टिक मिसाइल 1,450 किलोमीटर दूर तक जा सकता है.
चीन की नवगठित सैन्य इकाई 'रॉकेट फोर्स' है. नौसेना की परमाणु पनडुब्बी और वायुसेना के बमवर्षक विमान को शामिल करने के बाद पीएलए रॉकेट फोर्स जल, थल और वायु सैन्य बलों की क्षमता वाली पहली स्वतंत्र इकाई है, जो अमेरिका, रूस, ब्रिटेन और फ्रांस से ज्यादा एकीकृत है.
डीएफ-5बी मिसाइल: द्रवीय ईंधन से चालित यह अंतरमहाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइल तीन से अधिक परमाणु हथियार लेकर 15 हजार किलोमीटर दूर तक मार कर सकता है_. इसे दुनिया के सबसे खतरनाक मिसाइलों की श्रेणी में गिना जाता है.
एचक्यू-10/एफएल-3000एन मिसाइल: कम दूरी का हवाई सुरक्षा के लिए बनी यह मिसाइल नौसेना की ताकत को बहुत बढ़ा देता है. इस हथियार को नौसेना के सबसे विकसित टाइप 052डी डिस्ट्रॉयर्स और टाइप 056 फ्रिगेट्स पर तैनात किया गया है.
एच-6के स्ट्रेटेजिक बमवर्षक: यह युद्धक चीन को लंबे युद्ध में जोरदार क्षमता प्रदान करता है. इसमें अमेरिकी कैरियर युद्ध समूहों और एशिया में मुख्य निशानों पर हमले की क्षमता है. यह परमाणु हमला भी कर सकता है. चीन के पास चौथी पीढ़ी की आधुनिक लड़ाकू विमानों की संख्या 747 से कहीं अधिक है. जबकि भारत के पास ये संख्या सिर्फ 280 की है. इसी बात से चीन की ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है.
डब्ल्यूजेड-19 सशस्त्र हेलीकॉप्टर: यह टैंकों और अन्य भारी निशानों को तबाह कर सकता है. यह 4,500 किग्राम वजन लेकर 245 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है. एक बार ईंधन भरने के बाद दोबारा बिना ईंधन भरे यह तीन घंटे तक उड़ने की क्षमता रखता है.
जेडटीएल-09 टैंक: थल युद्ध की स्थिति में 105एमएम तोप से लैस वाहन दो किलोमीटर से अधिक दूरी पर सशस्त्र निशानों पर अचूक हमला कर सकता है. इसे चीन में ही विकसित किया गया है. वहीं, जेडबीडी-04 टैंक युद्ध क्षेत्र में सेना को सुरक्षित मदद और यातायात पहुंचाने के उद्देश्य से बनाया गया है.
जेडटीजेड-99ए टैंक: इस मुख्य युद्ध टैंक में 125एमएम स्मूथबोर तोप और ऑटोलोडर लगे हैं. यह वाहन 42 राउंड गोला एक बार में ढो सकता है और 22 अतिरिक्त राउंड एक अन्य ऑटोलोडर में रखे जा सकते हैं. यह टैंक एक मिनट में आठ गोले दाग सकता है. अगर मैनुअली लोड किया जाए, तो एक मिनट में यह दो गोले दाग सकता है.