कोई पढ़ाता नही फिर भी सबक याद रहता है…..हर एक परिंदे को अपना पेड़ याद रहता है…..
एक वक़्त ऐसा भी आता है जब सब ठीक हो जाने के बाद भी मुस्कुराने का दिल नहीं करता …
जिससे हम नाराज़ होते हैं वो इंसान हमारे दिल और दिमाग दोनों में रहता है
हम विश्वास भी उन लोगों पर करते हैं, जिनका विश्वास दुनिया नहीं करती
उम्र शर्मिंदा हो जाए , इतने तजुर्बे दे दिए ज़िन्दगी ने
रिश्ते शब्दों के मोहताज़ नहीं होने चाहिए अगर एक खामोश है तो दुसरे को आवाज़ देनी चाहिए…
हर किसी को हमेशा ये सोचना चाहिए , गलती चाहे किसी की भी हो पर रिश्ता तो अपना होता है
जो इंसान सबको ख़ुशी देता हो वो कभी कभी खुद ख़ुशी की वजह ढूँढता है
दिल वो है जो हज़ारों मरी हुई ख्वाइशों के नीचे दब कर भी धड़कता है
जो मन की तकलीफों को नहीं बता पता – उसे ही क्रोध सबसे अधिक आता है
सच बोलने से रिश्ते टूटते हैं और झूठ बोलने से मैं खुद