जैसे कि आप जानते हो टोपी पहनाना पहनने की वजह से बीजेपी के कुछ नेता बल्कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब वह मुख्यमंत्री थे तब उन्हें टोपी पेश की गई मगर उन्हें टोपी नहीं पहनी और यह एक बड़ी खबर बन कर सामने आई थी और उसी को फॉलो करते हुए कुछ बीजेपी नेता टोपी नहीं पहनते मगर इस बार यह मामला नीतीश सरकार के कैबिनेट मंत्री फिर से ऐसे ही विवाद
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में फंसते नजर आ रहे हैं एक बहुत ही अच्छा प्रोग्राम था जब हिंदू मुस्लिम को एक होने की और तालीम के साथ आगे बढ़ने के ऊपर एक बहुत ही अच्छा प्रोग्राम रखा गया था जिसमें नीतीश के मंत्री विजेंद्र यादव भी वहां पर शामिल थे और अचानक ही उनको टोपी पेश की गई मगर उन्होंने टोपी पहने से इंकार कर लिया मगर न टोपी कबूल कर ली और इससे पहले एक दरगाह थी जहां पर बुझाने का भी पूरा प्लान बना हुआ था मगर उन्होंने दरगाह पर जाने से मना कर दिया किया तो उसे इसी बात को लेकर विपक्ष और उनके जो विरोधी हैं उन्होंने चुटकी ली और गाय के देखो यह भी मोदी के ही तैयार हो तरीके पर चल रहे हैं और इसके ऊपर बहुत ही टिप्पणियां कर रहे हैं विवाद बढ़ता जा रहा था और सही वक्त पर उन्हीं के नेता ने जो मुस्लिम समुदाय से थे उन्होंने
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इसका जवाब दिया और कहा कि चलो मान लिया कि उन्होंने टोपी नहीं पहनी मगर टोपी को बोल तो कर ली है अब इस पर राजनीति और विरोध करने की कोई आवश्यकता नहीं जी हां दोस्तों देखा आपने ऐसे ही लोग अपने फायदे के लिए धर्म के नाम पर राजनीति करते हैं और जब भाईचारे की बात आती है तो एक दूसरे के मजहब की कुछ बातों को नजरअंदाज करके गलत पैगाम दिया जाता है जिसका फायदा लोग उठाते हैं और को राजनीति करते हैं हमें इस तरह की बातों से बचना चाहिए