तकदीर के खेल से
नाराज नहीं होते।
जिंदगी में कभी
उदास नहीं होते।
हाथों किं लक़ीरों पे
*यक़ीन मत करन
तकदीर तो उनकी भी होती हैं ,
जिन के हाथ ही नहीं होते।
सुप्रभातम 🌷🙏🏻
आपका दिन शुभ हो
तकदीर के खेल से
नाराज नहीं होते।
जिंदगी में कभी
उदास नहीं होते।
हाथों किं लक़ीरों पे
*यक़ीन मत करन
तकदीर तो उनकी भी होती हैं ,
जिन के हाथ ही नहीं होते।
सुप्रभातम 🌷🙏🏻
आपका दिन शुभ हो