साँप के काटने पर पीड़ित व्यक्ति को सीधा लेटा कर उसे शान्त रखने की कोशिश करें. झाड़ फूंक के चक्कर में ना पड़ते हुए पीड़ित व्यक्ति को बिना किसी देरी के सीधा अस्पताल ले जाए. साँप के ज़हर का एकमात्र उपचार एन्टीवेनम ही है.
यदि पीड़ित व्यक्ति को अस्पताल ले जाने में देर होती हैं तो इस दौरान उसके जूते, अंगूठी, कड़ा, कंगन, पायल आदि चीजें निकाल दे . इसका कारण यह हैं कि जहर के फैलने पर हाथ-पैरों में सूजन आ सकती है. ऐसे में इन वस्तुओं के कारण शरीर के उस हिस्से का रक्त प्रवाह बाधित हो सकता है.
सांप के काटे गये स्थान को साफ कर दें. यदि सांप ने हाथ या पैर में काटा हैं तो उसे लकड़ी की खपच्चियों के सहारे सीधा करके बांध दें. ऐसा करने पर पीड़ित व्यक्ति उस अंग को बार-बार मोड़ेगा नहीं जिससे जहर शरीर में तेजी से नहीं फैल पाएगा.
पीड़ित व्यक्ति को सोने या बेहोश होने ना दे. यदि पीड़ित व्यक्ति बेहोश हो गया है, तो थोड़े-थोड़े समय पर उसकी साँस देखते रहें और उसे उसे गर्म रखने की कोशिश करे.
पीड़ित व्यक्ति को दर्द से तड़पता देखकर उसे अपने मन से कोई दवा जैसे एस्प्रिन वगैरह ना दें. इसके अलावा कोई दादी-नानी का नुस्खा भी ना आजमाए.
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