कल मैं आपके साथ कोई बात साझा न कर सका उसके लिए खेद है, दोस्तों कल मैं कही चला गया था इसलिए मुझे समय नहीं मिला आर्टिकल लिखने का लेकिन दोस्तों आज मैं एक धमाकेदार खबर लाया हूँ। B.ed कोर्स तो आपको मालूम ही होगा जो टीचर बनना चाहते है वो लोग इस कोर्स को करते है इस का पूरा नाम बैचलर ऑफ एजुकेशन है। पहले बीएड कोर्स 1 साल का हुआ करता था लेकिन बाद में इसको 2 साल का कर दिया लेकिन सरकार अब फिर से इसका समय बढ़ाने जा रही है। ये सुनने में आया है की अब बीएड कोर्स करने में 4 साल का समय लगेगा। ऐसा करने का मकसद ये है की एजुकेशन सिस्टम में टीचर स्तर को सरकार सुधारना चाहती है।
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सरकार का कहना ये है की यदि एजुकेशन सिस्टम में सुधार लाना है तो पहले टीचर का स्तर सुधारना होगा, यदि टीचर वेल एडुकेटेड होंगे तो ही वो छात्रों को सही शिक्षा दे पाएंगे। मैं सरकार के इस फैसले से पूरी तरह सहमत हूँ जब जड़ मजबूत होगी तभी तो पेड़ में फल खिलेगा। वैसे भी हमारे टीचर थोड़े कमजोर है मैं झारखण्ड राज्य से हूँ यहाँ के टीचर तो बहुत ज्यादा कमजोर है और बिहार की हालत तो आप सब को मालूम ही होगा न्यूज़ चैनल में आता ही रहता है। मैं खुसी है की सरकार अहम् कदम उठा रही है, शिक्षा बहुत जरुरी है और सही शिक्षा न मिले तो शिक्षा का कोई फायदा नहीं है।
वैसे एक और फायदा होगा अब 12th पास वाले भी बीएड कोर्स के लिए एडमिशन ले सकते है क्यों की अब इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स शुरू होगा जिस से 12वीं पास छात्र बीएड की पढ़ाई कर सकेंगे। पहले ग्रेजुएशन करना जरुरी होता था बीएड कोर्स करने के लिए लेकिन अब ये अनिवार्य नहीं होगा इसलिए अब ये भी एक फायदा होगा। अब समय भी ज्यादा मिलेगा और पढ़ भी पाएंगे तब ही तो आगे किसी को पढ़ा पाएंगे।
बचपन में मैं भी टीचर बनना चाहता था मेरे पिता ने भी कहा की टीचर बनो लेकिन फिर बाद में मेरा रूचि ख़तम हो गयी। मुझे पढ़ना पसंद नहीं है मैं लोगो को सही से समझा नहीं पता हूँ इसलिए मुझे लगा टीचिंग मेरा प्रोफेशन नहीं हो सकता क्यों की मैं किसी को समझाने में अच्छा नहीं हूँ। यदि मैं अभी लोगो को समझा नहीं पा रहा हूँ तो टीचर बनने के बाद छात्रों को कैसे समझाऊंगा इसलिए मुझे लगा ये मेरे से नहीं हो पायेगा और मैंने फिर ये छोड़ दिया।