ज्यूरी ट्रायल कैसे काम करता है जानने के लिए देखे
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कुछ लोगों का यह भी प्रश्न है की ज्यूरी सिस्टम जज सिस्टम से बेहतर कैसे है ?
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मान लीजिये की किसी शहर में 20 गुंडों की एक गैंग है
उस गैंग पर 60 केस चल रहे है
उस शहर की कोर्ट में 10 जज है और प्रत्येक जज औसतन एक जगह 3 साल के लिए आता है
तो गैंग के वकीलों को केवल 10 लोगों(जजों) से सांठ गाँठ करनी है
इस तरह से गुंडों को जेल जाने से बचना आसान हो जाएगा
यदि किसी को लगता है की "जज तो भगवन का रूप होते है और वह रिश्वत खोरी और बेईमानी नहीं करते" तो पोस्ट पर कमेंट अवश्य करे
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अब मान लीजिये इन केस का निपटारा ज्यूरी सिस्टम से होता है
यदि प्रत्येक केस के लिए 12 सदस्य ज्यूरी मंडल का गठन होता है
ज्यूरी ट्रायल में एक ज्यूरी मंडल को केवल एक केस सुनवाई के लिए मिलता है
12 * 60 (गैंग पर चलने वाले कुल केस) = कुल 720 ज्यूरी सदस्यों की आवश्यकता होगी, ऐसे में कोई चाह कर भी सांठ गाँठ नहीं कर सकता
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#JurySystemIndia
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