lockdown में सरकार के पास टेस्ट किट नही, मेडिकल नही संसाधन नही, pm केअर फण्ड में जनता से सहयोग की अपील की गई। देश गहरे आर्थिक संकट में है। मुद्रास्फीति की दर बढ़ रही है। इस समय देश को मेडिकल सुविधाओं पर ध्यान देने की जरूरत थी, लोग बिना इलाज के कोरोना के कारण दम तोड़ रहे हैं। टेस्टिंग केqQ लिए किट ही नही।
और हम देख क्या रहे हैं?
कुछ दिन पहले बिजलीघर में बिल ठीक करने के लिए जाना हुआ तो देखा कि काउंटर बिल्डिंग तोड़ी जा रही थी। जबकि अभी कुछ साल उसे तोड़ने के लिए टाला जा सकता था। फिर रास्ते में देखा तो बड़े पैमाने पर नालों को दुबारा तोड़ कर बनाने की होड़ देखी। और आज हमारी कॉलोनी में उस cc सड़क को तोड़ा जा रहा है जिस को सिर्फ पैच वर्क की जरूरत थी।
क्या हो रहा है ये?
क्या इस समय उनकी जरूरत इलाज सुविधाओं से ज्यादा है? या 2 महीने से जो भ्रष्टाचार रुका हुआ था, अधिकारियों से बर्दाश्त नही हो रहा!
हद है। देश की प्राथमिकता ही तय नही। क्या करना चाहिए पहले और क्या हो रहा। जानबूझ कर जनता के दिये टैक्स की बर्बादी हो रही।
क्या ये देशभक्ति है? एक तरफ लोग तड़फ रहे हैं,मर रहे हैं, और दूसरी तरफ कमीशन का खेल चल रहा।