1864 में शिमला उत्तर भारत मे ब्रिटीश हिन्द की समर राजधानी बनी।
ब्रिटिश शासन के वक़्त अंग्रेज अफसर जो भारत मे रहते थे उनसे भारत की गर्मिया सही नही जाती थी। तब उन्होंने हर साल गर्मी में अपनी राजधानी यो को ठंडी जगह पर ट्रांसफर करने का आईडिया बनाया।
1864 में शिमला उत्तर भारत मे ब्रिटीश हिन्द की समर राजधानी बनी। जबकि दक्षिण भारत मे ऊटी को समर कैपिटल बनाया गया। मुंबई जोन के लिये महाबलेश्वर को समर कैपिटल बनाया जाता रहा। जब अंग्रेज चले गए तो ये प्रथा भी बन्द हुई लेकिन जम्मू और कश्मीर राज्य में ये प्रथाआज भी जारी है।
हर साल गर्मियों में जम्मूकश्मीर के श्रीनगर से राजधानी को जम्मू में ट्रांसफर किया जाता है। हर साल मार्च से ऑक्टोबर श्रीनगर ओर ऑक्टोबर से मार्च जम्मू को राजधानी बना के राज्य सरकार शाशन चलाती है।
इस ट्रांसफर के साथ साथ हजारो सरकारी फाइले , दस्तावेज, संदर्भ ग्रंथों ओर बहुत सारि चीजो की पोटलीया बांध के सेकड़ो ट्रक में भर के जम्मू या श्रीनगर भिजवाया जाता है और साथ मे एक लाख सरकारी बाबू ओ को भी 6 महीने के लिए जम्मू या श्रीनगर रहने के लिए सरकारी खर्चे पर भेज दिया जाता है।322 किलोमीटर के इस अन्तर को हर छह महीने में तय किया जाता है। इंग्लिश में इसको GREAT DARBAR MOVE कहा गया है।
90 साल से ये प्रथा चली आ रही है जिसको कश्मीर के डोगरा महाराजा सुरु की थी। इसके पीछे हर साल 5 करोड से ज्यादा रुपये का फ़िज़ूल खर्चा किया जाता है जिसका भुगतान जनता को करना पड़ता हैं। इसको समर नही पर विंटर के कहर से बचने के लिए राजधानी बदली जाती है।
इन्फॉर्मेशन सेंट् बाय @godsteem