विचारों की प्रचण्ड शक्ति
मानव जीवन में विचार शक्ति का,
अद्वितीय महत्वपूर्ण स्थान है।
शतत् प्रेरणा और नवजीवन संचार हेतु,
यह विचार शक्ति ही वरदान है।
वह मृतक समान हो जाता है,
जो विचार शून्य हो जाता है।
जिसके विचार मर जाते हैं,
वह जीवन भर पछताता है।
विचारों से ही मानव जीवन,
नव प्राणों को पा जाता है।
जीवनदायनी शक्ति से ही,
मानव-मानव बन जाता है।
उच्च आदर्शों की जब होड़ बढे़,
हम एक दिशा की ओर बढ़ें।
जब सभी आदर्श पुस्तकों का,
पाठन-चिन्तन नित होता है।
ज्ञानार्जन के द्वारा जब,
जीवन-दर्शन हो जाता है।
विचारों के परिवर्तन से ही,
मानव लघु से विभु बन जाता है।