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हदीस ए पाक 👇
हुज़ूर मौला ए कायनात कर्रमअल्लाहो वजहुल करीम से मरवी है कि हुज़ूर नबी ए करीम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम ने इरशाद फ़रमाया 👇
तुम गुमान करते हो मेरी शफ़ाअत मेरे अहलेबैत को ना पहुँचेगी हालांकि मेरी शफ़ाअत तो सदाए,हिकमा (अरब के दो क़बीले यमन में) को पहुँचेगी
यानी जब दूर वाले (शफ़ाअत से) महरूम नही तो फिर घर वाले तो घर वाले हैं
हवाला 📚 मतला उल क़मरैन सफ़ह नo.53 ,इमाम अहमद रज़ा mohaddish breilvi