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विचार बहता हुआ "पानी" है!
यदि "इसमें" आप
गंदगी "मिलाएंगे" तो वो
"नाला" बन जायेगा!
और "सुगंध" मिलाएंगे तो फिर!
वही "गंगाजल" कहलायेगा!
कोशिश करो "जिंदगी" का!
हर "लम्हा" अच्छे से गुजरे
क्योंकि "जिंदगी" रहे ना रहे!
मगर अच्छी "यादें" हमेशा!
_"जिंदा" रहती हैं _