Shayri

Words
32
Reading
1 min
8y
Listen to this post
~1 min

दिल मे ज़ानम युही समाती हैं
लाख़ नख़रे हैं.उस्के फ़िरभी
कहाँ बाज़.आती हैं"

हुश्ऩ कि पुडीया आफ़त मचाती हैं
इश्क़ हो ज़ाता हैं उ़स्से फ़िरभी वो
कहाँ ब़ाज़ आती है"
💕💕💕💕💕💕💕💕💕
#शेर

Shayri | Ecency