कुछ हिंदी फ़िल्मी गीत जो कुछ बीमारियों का वर्णन करते हैं:🤔🤔
😀
गीत – जिया जले, जान जले, रात भर धुआं चले
बीमारी – बुखार🤒
गीत – तड़प-तड़प के इस दिल से आह निकलती रही
बीमारी – हार्ट अटैक💘💔
गीत – सुहानी रात ढल चुकी है, न जाने तुम कब आओगे
बीमारी – कब्ज़😰
गीत – बीड़ी जलाई ले जिगर से पिया, जिगर म बड़ी आग है
बीमारी – एसिडिटी😡
गीत – तुझमे रब दिखता है, यारा मैं क्या करूँ
बीमारी – मोतियाबिंद😎
गीत – तुझे याद न मेरी आई किसी से अब क्या कहना
बीमारी – यादाश्त कमज़ोर🤔
गीत – मन डोले मेरा तन डोले
बीमारी – चक्कर आना😇
गीत – टिप-टिप बरसा पानी, पानी ने आग लगाई
बीमारी – यूरिन इन्फेक्शन😅🤒
गीत – जिया धड़क-धड़क जाये
बीमारी – उच्च रक्तचाप😜
गीत – हाय रे हाय नींद नहीं आये
बीमारी – अनिद्रा😖
गीत – बताना भी नहीं आता, छुपाना भी नहीं आता
बीमारी – बवासीर💩
और अंत में
गीत – लगी आज सावन की फिर वो झड़ी है
बीमारी – दस्त🙀
😀😀😀😀😀😀😀😀😀😀😋😋😋
एकदम नया है आगे फेंको .Tanweer alam Very heart touching Story...
एक पाँच छ: साल का मासूम सा बच्चा अपनी छोटी बहन को लेकर मस्जिद के एक तरफ कोने में बैठा हाथ फैलाकर अल्लाह से न जाने क्या मांग रहा था ।
कपड़े में मैल लगा हुआ था मगर निहायत साफ, उसके नन्हे नन्हे से गाल आँसूओं से भीग चुके थे ।
बहुत लोग उसकी तरफ आकर्षित थे और वह बिल्कुल अनजान अपने दुआओ में लगा हुआ था ।
जैसे ही वह उठा एक अजनबी ने बढ़ के उसका नन्हा सा हाथ पकड़ा और पूछा : -
"क्या मांगा अल्लाह से"
उसने कहा : -
"मेरे अब्बू का इन्तकाल हो गया है उनके लिए जन्नत,
मेरी माँ रोती रहती है उनके लिए सब्र,
मेरी बहन माँ से कपडे सामान मांगती है उसके लिए पैसे"..
"तुम स्कूल जाते हो"..?
अजनबी का ज़ाहिर सा सवाल था ।
हां जाता हूं, उसने कहा ।
किस क्लास में पढ़ते हो ? अजनबी ने पूछा
नहीं अंकल पढ़ने नहीं जाता, अम्मी चने बना देती है वह स्कूल के बच्चों को बेचता हूँ ।
बहुत सारे बच्चे मुझसे चने खरीदते हैं, हमारा यही काम धंधा है ।
बच्चे का एक एक अलफाज़ मेरी रूह में उतर रहा था ।
"तुम्हारा कोई रिश्तेदार"
न चाहते हुए भी अजनबी बच्चे से पूछ बैठा ।
पता नहीं, माँ कहती है गरीब का कोई रिश्तेदार नहीं होता,
अम्मी झूठ नहीं बोलती,
पर अंकल,
मुझे लगता है मेरी अम्मी कभी कभी झूठ बोलती है,
जब हम खाना खाते हैं हमें देखती रहती है ।
जब कहता हूँ
अम्मी तुम भी खाओ, तो कहती है मैने खा लिया था, उस वक्त लगता है झूठ बोलती है ।
बेटा अगर तुम्हारे घर का खर्च मिल जाय तो पढाई करोगे ?
"बिल्कुलु नहीं"
"क्यों"
पढ़ाई करने वाले, गरीबों से नफरत करते हैं अंकल,
हमें किसी पढ़े हुए ने कभी नहीं पूछा - पास से गुजर जाते हैं ।
अजनबी हैरान भी था और शर्मिंदा भी ।
फिर उसने कहा
"हर दिन इसी मस्जिद में आता हूँ,
कभी किसी ने नहीं पूछा - यहाँ सब आने वाले मेरे अब्बू को जानते थे - मगर हमें कोई नहीं जानता ।
"बच्चा जोर-जोर से रोने लगा"
अंकल जब बाप मर जाता है तो सब अजनबी क्यों हो जाते हैं ?
मेरे पास इसका कोई जवाब नही था...
ऐसे कितने मासूम होंगे जो हसरतों से घायल हैं ।
बस एक कोशिश कीजिये और अपने आसपास ऐसे ज़रूरतमंद यतीमों, बेसहाराओ को ढूंढिये और उनकी मदद किजिए .........................
मस्जिद मे सीमेंट या अनाज की बोरी देने से पहले अपने आस - पास किसी गरीब को देख लेना शायद उसको आटे की बोरी की ज्यादा जरुरत हो ।
आपको पसंद आऐ तो सब काम छोडके ये मेसेज कम से कम एक या दो गुरुप मे जरुर डाले ।
कहीं गुरुप मे ऐसा फरिशता ईन्सान मिल जाऐ ।
कहीं एसे बच्चो को अपना मसीहा मिल जाए ।
कुछ वक्त के लिए एक गरीब बेसहारा की आँख मे आँख डालकर देखे, आपको क्या महसूस होता है ।
फोटो या विडीयो भेजने कि जगह ये मेसेज कम से कम एक या दो लोगो को जरुर भेजे।
Allah ke Rasool (Sallallahu Alaihay Wasallam) Farmate Hai –
“Mohtaj Aur Miskeen Ki Parwarish Ke Liye Koshish Karne Wala
Allah Ki Raah Me Jihaad Karne Wale Ki Tarah Hai..”
– (Muslim Sharif)
इस रमज़ान अपने आप में व समाज में बदलाव लाने की कोशिश जारी रखें ।आपको और आपके अज़ीज़ो को रमज़ान मुबारक।।।।
रमज़ान मुबारक तो हर कोई कह लेगा पर कोई हमारे अनदाज़ में कोई कहे तो बताना।