मेरे प्यारे दोस्तों,
आप सभी की शुभकामनाओं और परमात्मा की परम कृपा से मैंने आज फिर 5000 एक्टिवेट गणना अर्चित कर ली है।
यदि रोज 5000 कदम चलते रहे तो एक आदत सी बन जाती है। फिर यह कोई एक मुश्किल कार्य नहीं लगता बल्कि यूं कहो कि कार्य ही नहीं लगता। और लोग डाउन में चहलकदमी भी नहीं करेंगे तो फिर करेंगे क्या!
अतः एक्टिफिट एक अच्छा बहाना है घूमने-फिरने का।
कल फिर मिलेंगे, इसी आशा के साथ
आपकी प्यारी दोस्त
Stupid