Words
43
Reading
1 min
5y
भाई बिल्कुल,
सुबह सुबह की चाय की चुस्की
और उनके एहसास का साथ
है पल था मानो जन्नत का था साथ,
जिंदगी को कमाने की दौड़ में
में जीना भूल गया था,
अब बैठा हु
इत्मीनान से
में और मेरा चाय का कप
भाई बिल्कुल,
सुबह सुबह की चाय की चुस्की
और उनके एहसास का साथ
है पल था मानो जन्नत का था साथ,
जिंदगी को कमाने की दौड़ में
में जीना भूल गया था,
अब बैठा हु
इत्मीनान से
में और मेरा चाय का कप
RE: Kasar Devi Landscapes part 2 - 2021