"प्रेम" या "सम्मान" का भाव सिर्फ उन्हीं के प्रति रखिएगा। "जो आपके "मन" की भावनाओं को समझते हैं। "कहते है कि---- जलो वहाँ , जहाँ जरूरत हो। "उजालों" में "चिरागों" के मायने नहीं होते।