बचपन की कहानियां....

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एक बीज था गया बहुत ही गहराई में बोया 16b53e59d60de0b7f262b62e58b69a1e.jpg
उसी बीज के अंतर में था नन्हा पौधा सोया
उस पौधे को मंद पवन ने आकर पास जगाया
नन्ही-नन्ही बूंदों ने फिर उस पर जल बरसाया।
सूरज बोला, प्यारे पौधे निद्रा दूर भगाओ
अलसाई आंखे खोलो, तुम उठकर बाहर आओ
आंख खोलकर नन्हे पौधे ने ली अंगड़ाई।
एक अनोखी नई रोशनी, उसके तन में आई
नींद छोड़कर ! आलस तजकर पौधा बाहर आया
बाहर का संसार बड़ा ही, अद्भुत उसने पाया।

बचपन की कहानियां.... | Ecency