ना तुम हिन्दू ना ही मुस्लिम बने रहो तुम एक इंसान छोडो मस्जिद के झगड़े अपनी शक्ति को लो जान
मंदिर मे घडियाल हैँ बजते मस्जिद मे होती अजान
मस्जिद मे अल्लाह रहते
मंदिर मे रहते भगवान
मंदिर मे रामायण अच्छी
मस्जिद मे अच्छी कुरान
जिस भी रूप मे उसको याद कर कैसे भी कर उसका गान सर्वव्यापक सर्वशक्ति वह
वह ही रहीम वही है राम
उसके नाम से दंगे करना
ये ना है तेरी पहचान
जो यह आया एक फैसला उसको दे तू अपना मान
मंदिर मस्जिद से बढ़कर
है तेरे लिए राष्ट्र निर्माण
है तेरे लिए राष्ट्र निर्माण!