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manutyagi
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2018-01-30 05:37
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manutyagi
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सासे बोझ है तन नहीं ये बात जानिए खूब, मुर्दा जाता है तर, ओर ज़िन्दा जाता डूब,
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manutyagi
prameshtyagi
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Ghazal
जबसे तुझे देखा है, दिल खो गया है जबसे तुझे परखा है, कुछ हो गया है ख्वाब हरपल तेरे ही रहते है, जहन मे जाने कौन सी नींद मे, दिल सो गया है ख़ुशनुमा हुआ सारा जहाँ, मिलकर तूझसे लगता है जैसे कोई, मेरे आँसू धो
manutyagi
hindi
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hindi ghazal
hindi ghazal
manutyagi
hindi
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pes hai ek sher
वो एक चाँद-सा चेहरा जो मेरे ध्यान में है उसी के साये की हलचल मेरे मकान में है मैं जिसकी याद में खोया हुआ-सा रहता हूँ वो मेरी रूह में है और मेरी जान में है
manutyagi
hindi
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hindi ghazal
hindi ghazlal for love किसी के प्यार के क़ाबिल नहीं है मुहब्बत के लिए ये दिल नहीं है बड़ा ही ग़मज़दा बे आसरा है जे कुछ भी हो मगर बुज़दिल नहीं है मुहब्बत में बला की चोट खाई बहुत तड़पा है पर घायल नहीं है
manutyagi
hindi
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pes hai ek sher
मेरे पास था एक शक्ति शाली गुलेल दूर तक पत्थर फेंकने का खेल रहा था खेल खेलते खेलते महारत हासिल कर बहुत मैं ऐंठा प्रकृति से हुआ दण्डित जब ओज़ोन लेयर में छेद कर बेठा
manutyagi
hindi
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Pes hai ek ghazal
देर तक महफ़िलों में नज़र आएगा घर तेरा टूटकर फिर बिखर जाएगा टूटकर दिल के टुकड़े अगर हो गये क्या पता कौन सा फिर किधर जाएग हुस्न की ये अदा मत दिखाओ उसे वो दिवाना है हद से गुज़र जाएगा प्यार ग़र हो गया लाजमी
manutyagi
hindi
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Pes hai ek ghazal
बहुत ख़ामोश जो दरिया दिखाई देता है, ग़मों के दौर से गुज़रा दिखाई देता है. हवा में ,फूल में ,खुशबू में और रंगों में, मुझे क्यूँ एक ही चेहरा दिखाई देता है मैं जब भी शहर के नक्शे गौर करता हूँ, क्यूँ तेरे घर
manutyagi
hindi
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hindi ghazal
भर चुके ज़ख्मों को अब फिर न खरोचा जाये इस नए दौर में कुछ हट के भी सोचा जाये पुत रहीं फिर से हैं दीवारें सियाह रंगों से हुक्मरानों से कहो इन को तो पोचा जाये अपनी आँखों को रखो पुश्त की जानिब अपने जो करे
manutyagi
hindi
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hindi sher
किसी लिबास की ख़ुशबू जब उड़ के आती है तेरे बदन की जुदाई बहुत सताती है तेरे बगैर मुझे चैन कैसे पड़ता है मेरे बगैर तुझे नींद कैसे आती है
manutyagi
hindi
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pes hai ek sher
Zindagi hai nadan es liye chup hu Dard hi dard hai subha sham es liye chup hu khe to deta apne dil ki dastan dosto usme aayega kisi ka naam es liye chup hu
manutyagi
introduction
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introduction
my name is Manu Tyagi i am a new user in steemit i leave in india Up