आज हम जिस भारत यानी india के विशाल नक्शे को देखते है उसे विशाल बनाने में देश के वीर सपूतों का अहम योगदान रहा है ,भले ही आज देश के क्या हालात है पर उस दौर में आजादी के लिए हर कोई संधर्षरत था,चाहे वे नरम दल के नेता हो या गरम दल के नेता ,उनके बीच आपस मे भले ही वैचारिक मतभेद रहे पर उन्होंने सदैव ही एक दूसरे का सम्मान किया था कभी भी किसी ने किसी पर लांछन नही लगाया,ओर नाही कभी आरोप प्रत्यारोप किये,बस अपना अपना काम करते रहे,ओर जब भी जरूरत हुई तब साथ हुए।
लेकिन आज ऐसा क्यो नही है जब कि आज तो ऐसा कुछ हुआ ही नही है तो क्यो इतिहास को गालिया दी जारही ,क्यो देश मे महान सपूतो का चरित्र हनन किया जा रहा है,जब उन्होंने तो अपने जीवन के कई वर्ष जेलों में ही बिताए थे देश की आजादी की लिए,आज ऐसा माहौल क्यो बनाया जा रहा है कि गरम दल वालो को ही महान ओर नरम विचार वालो को देश द्रोही घोषित करने की कोशिश की जा रही है और वो भी उनके द्वारा जिनका देश की आजादी शून्य प्रतिशत भी योगदान ना रहा हो !