The Change. परिवर्तन।

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परिवर्तन

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जीवन पथ पर चलते-चलते,
युग परिवर्तन हो जाता है ।
परिवर्तन परम शाश्वत है,
परिवर्तन नवयुग लाता है ।
प्रतिपल, प्रतिक्षण इस जीवन में,
सब कुछ परिवर्तित होता है ।
छोटा सा शिशु आगे बढ़कर,
प्रौढ़ावस्था को पाता है।
कुछ वर्षों में छोटा पौधा,
एक बड़ा वृक्ष बन जाता है।
अपनी छाया दे दे करके,
सब जगह को सुख पहुँचाता है।
नन्हें-नन्हें सब जीव जन्तु,
बढ़कर विशाल बने जाते हैं ।
अपने-अपने ढंग से तब सब,
सृष्टि को पूर्ण बनाते हैं ।
दिन रात में प्रातः संध्या में,
ऋतुएँ परिवर्तित होती हैं।
उत्थान-पतन होता रहता,
परिवर्तन ही तो शाश्वत है।
परिवर्तन जीवन का क्रम है,
यह सदैव चलता रहता है ।
नियति इसकी चलते रहना,
ये कभी नहीं रुक सकता है।

indra@indra