आवाहन युवाओं का।

elve(40)
Published in
#poetry
Words
157
Reading
1 min
7y
Listen to this post
~1 min

आवाहन युवाओं का।

CAT-Motivation.jpg

image source

युगदृष्टा है बुला रहा,
पृथ्वी पुत्रों आओ।
तरूनाई बेकार ना जाए,
ऐसा पथ अपनाओ।

अभी युवा हो, अभी जोश है,
जीवन अपना,अभी शेष है।
निर्माणों के लिए तुम्हारे,
कार्यों की भी प्रगति शेष है।

बनो परिश्रमशील कभी,
श्रम से मत घबड़ाओ।
पुरुषार्थी बनकरके जग में,
विजय पताका फहराओ।

राग द्वेष अन्याय छोड़ दो,
वैमनस्य विसराओ।
त्याग तपस्या परहित के हित,
सच्चा पथ अपनाओ।

जहाँ कहीं अन्याय हो रहा,
उसको न्याय दिलाओ।
सत्य न्याय के पथ पर चलकर,
निज परचम लहराओ।

लो प्रकाश की ज्योति हाँथ में,
अंधकार का नाश करो।
जो पिछड़े हैं दबे हुए हैं,
उनका उचित विकाश करो।

त्याग तपस्या के पथ पर चल,
जन जन का कल्याण करो।
ऊँचे संस्कारों से भरकर,
पुनः नया निर्माण करो।

युग परिवर्तन की वेला है,
इसको तो पहचानो।
प्रगति तुम्हारे हाँथ लिखी है,
यह निश्चित ही मानो।

A beautiful poem on Youth Motivation composed by indra@indra

Find me on whaleshares with username indra@indra https://whaleshares.io/@indra/5clzs5