जो मिला उसमें हीं ख़ुश रहता हु ,
मेरी उँगलिया मुझे सिखाती है ,
दुनिया में बराबर कोई नहीं है ।।।
भूलकर भी कभी मुसीबत में ना पड़ना साहेब ,
खामखां अपने और पराए की पहचान हो जाएगी ।।
चेहरा देख कर इंसान पहचान की कला थी मुझमें,
तकलीफ़ तो तब हुयी जब इंसानो के पास चेहरे बहुत थे ।।।
🍁🍁🍁 सुप्रभात 🍁🍁🍁