नई दिल्ली. भारत और फ्रांस के बीच शनिवार को सुरक्षा और परमाणु ऊर्जा सहित अन्य क्षेत्रों में 14 समझौते हुए। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों तीन दिन के भारत दौरे पर आए हुए हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मैक्रों की मुलाकात शनिवार को हैदराबाद हाउस में हुई, जिसके बाद इन समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।
सदियों पुरानी है साझेदारी
नई दिल्ली में संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारी रणनीतिक साझेदारी भले ही 20 साल पुरानी हो मगर हमारे देशों और हमारी सभ्यताओं की आध्यात्मिक पार्टनरशिप सदियों पुरानी है। स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे की गूंज केवल फ्रांस में नहीं है। भारतीय संविधान में भी यह समाहित है। हम मानते हैं कि हमारे द्विपक्षीय संबंधों के उज्जवल भविष्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण आयाम है हमारे लोगों के बीच संवाद। डिफेंस सेक्टर में मेक इन इंडिया के तहत निवेश करने के फ्रांस के फैसले का हम स्वागत करते हैं।
भारत-फ्रांस के बीच संबंध ऐतिहासिक
राष्ट्रपति भवन में सेरेमोनिअल रिसेप्शन के दौरान मैक्रों ने कहा, ‘मैं यहां आकर खासा खुश हूं। पीएम मोदी ने बीते साल जुलाई में फ्रांस की विजिट के दौरान उन्हें इन्वाइट किया था।’ दोनों देशों के बीच संबंधों को ऐतिहासिक बताते हुए उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि हम दोनों के बीच अच्छी केमिस्ट्री है। दुनिया के दो महान लोकतांत्रिक देशों के बीच ऐतिहासिक संबंध हैं।’
तीन दिन के भारत दौरे पर हैं राष्ट्रपति
फ्रांस के राष्ट्रपति पत्नी ब्रिगिट के साथ तीन दिन के दौरे पर भारत आए हैं। मोदी प्रोटोकॉल तोड़कर उन्हें रिसीव करने एयरपोर्ट गए। पीएम अपने संसदीय क्षेत्र बनारस में मैक्रों की भव्य खातिरदारी भी करेंगे। उन्हें नाव से गंगा की सैर कराएंगे और घाट दिखाएंगे। बता दें कि जापान के पीएम शिंजो आबे के बाद मैक्रों यहां जाने वाले दूसरे राष्ट्राध्यक्ष होंगे।
#तीन दिन के दौरे में क्या करेंगे मैक्रों?
रविवार: अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन समिट में जाएंगे
सोमवार: मिर्जापुर में सोलर प्लांट का इनॉगरेशन करेंगे
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