महान जननेता श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि।
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हर चुनौती से दो हाथ मैंने किये,
आँधियों में जलाए हैं बुझते दिये।
पार पाने का कायम मगर हौसला,
देख तेवर तूफाँ का, तेवरी तन गई।
मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूँ,
लौटकर आऊँगा, कूच से क्यों डरूँ।
कभी न हार मानने वाले, ओजस्वी वक्ता, जनकवि व अपने व्यक्तित्व और कृतित्व से मां भारती को विश्व में गौरवान्वित करने वाले भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष महान जननेता श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि।