वो प्यार मेरा था

ankitjnv(13)
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देख दुनिया जलती थी,जब साथ उसे ले मैं चलता था;
थी चपला सी चंचल वो ,दिल हर एक पिघलता था ;
काया मुख हूर का पग-पग प्राण कुचलता था,
पास मेरे होने से उसके, ये अम्बर अपना लगता था ;
थी वो बला वह , जिसे देख चाँद निकलता था ।।

©i_ankit

वो प्यार मेरा था | Ecency