" म़ां सचमुच भगवान है " बेटे हर्ष का जन्म दिन मनाने के बाद केक ओर खाना अपनी कामवाली शांति को देते हुए मिसेज़ सेट्ठी बोली-ले तू भी मुंह मीठा करले ओर भरपेट खाले। -मेमसाब बहुत देर हो गई उधर घरपर बच्चे भी भूखे होगे मे चलती हूं उनही के साथ खा लूंगी।मिसेज सेठी-अरे पगली उनके लिए भी लेकर जाईयो मैंने पैक कर दिया पहले तू तो खा ले ,नही मालकिन मे हमेशा बच्चो के साथ खाती हूं कहकर पैक किया ओर खुदको मिला खाना लेकर अपनी झुग्गी मे पहुंची सभी बच्चे ऐसे खाने ओर केक को देखकर खुश होने लगे कयोकि उनके नसीब मे कहा ऐसी बढिया खाने की दावत थी मटर पनीर पूडी छोले केक वाह वाह करते सभी की पार्टी हो रही थी अचानक शांति की नजर दरवाजे पर बैठी कुतिया पर पडी जो मुंह मे पानी लिए खाना खाते बच्चो को देख रही थी कुछ सोचकर शांति ने दो पुडी सब्जी से सनी उस कुतिया की ओर उछाली कुतिया झूम उठी मगर कुछ सूंघकर फिर उन पूडियो को मुंह मे दबाकर वहां से दौडी तो शांति को गुस्सा आ गया ओर वो बोली-ठहर कमीनी एकतो खाने को दिया उसपर नखरे कही बिखेरती जाएगी तो कल गली वालो से लडाई इतना कहकर शांति कुतिया के पीछे चल दी तो देखा गली के मोड पर अपने नन्हे पिल्लो को पूडिया खिलाती वही पिल्लै अपनी मां को चूमते दिखे शांति की आँखों मे आँसू थे बोली मे कैसे भूल गई तू भी तो मां है ओर मां खुद से पहले अपने बच्चो के खाने को सोचती है जैसे मेरी मालकिन बच्चे के लिए जन्मदिन ओर बढिया खाना ,फिर मे बचा खुचा खाना अपने बच्चो के लिए ओर तू उससे बची जूठन अपने बच्चो के लिए........ दोस्तों यही मां है इसीलिए भगवान का दूसरा रुप मां होती है कृपया मां का आदर सम्मान कीजिए ।