Symbol of good in evil best wishes to all of you on Dussehra festival .

Hello friends, I hope that all of you are healthy and well and are living a happy and peaceful life.

Friends, as you all know today is Vijayadashami, if seen Vijayadashami, then we can say it in two ways, first is our Navratri which is nine forms of Maa Durga in which she had to kill Raksha on the second day, she had separated for 9 days. From the other side, Vijayadashami is a very good example of the victory of good over evil. On the day of Vijayadashami, Ravana was killed by Lord Shri Ram and a whole The society had been taught that at one point or the other evil will definitely end, hence we should learn that no matter how much evil a person does, it will definitely end once, it can be said that Ravana was a very yogi person and He was a great devotee of Shiva but due to one of his mistakes, he had to ensure his death. Due to this, while Mata Sita was not there, Shri Ram challenged someone else that if he had the courage to come and destroy her, then God would ensure his death. On this festival, Vijayadashami is celebrated in a different way in our city. On the day of Vijayadashami, first of all, all the idols of Mata are made in our city. For 9 days, idols of Mata are made in different places of the city and Today is an auspicious day, they are immersed and Vijayadashami is celebrated along with it. Also, from day to evening, very big effigies of Ravana family are made in our city, which is famous not only in our country but also in India. These statues of our cultural city Almora are talked about all over the world, many big ones are made in our city and at one place they are also destroyed.

Although Vijayadashami is celebrated all over India, but Vijayadashami in our city is something different. Along with this, Vijayadashami is very famous here in our city. I hope you too will come to our city Almora on the day of Vijayadashami and enjoy these effigies.

I hope you liked the post here,

thank you.🙏🙏

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हिंदी।
नमस्कार दोस्तों आशा है कि आप सभी लोग स्वस्थ और कुशल होंगे और अपने जीवन में सुख शांति से जीवन व्यतीत कर कर रहे होंगे
दोस्तों जैसा कि आज सभी आप सभी को मालूम है आज विजयदशमी है विजयदशमी देखा जाए तो दो तरह से हम इसे कह सकते हैं पहले हमारे नवरात्रि जो की मां दुर्गा के नौ रूप होते हैं जिसमें उन्होंने दूसरे दिन रक्षा का वध करना था 9 दिन उन्होंने अलग -अलग प्रकार के रूप दिए और दसवें दिन का उसे रक्षा का सर्वनाश किया दूसरी तरफ से देखा जाए तो विजयदशमी पास बुराई पर अच्छाई का जीत का एक काफी अच्छा उदाहरण है विजयदशमी के दिन रावण का भगवान श्री राम ने उसका अंत किया था और एक पूरे समाज को यह सीख दी थी की बुराई का एक न एक समय उसका अंत जरूर होता है इसलिए हमें यह सीखना चाहिए आदमी कितने भी बुराई कर ले एक बार उसका अंत निश्चित तौर पर होता है यूं तो कहा जाए रावण एक काफी सर्व योगी इंसान था और काफी बड़ा वह शिव भक्त था लेकिन उसकी एक भूल के कारण उसे अपनी मृत्यु निश्चित करनी पड़ी उसके द्वारा माता सीता कहां पर रहकर श्री राम कोई और चुनौती दी कि वह आए और उसका सर्वनाश करने की हिम्मत रख सके तो रखें भगवान द्वारा उसका निश्चित तौर पर अंत किया गया इसी पर्व पर हमारे शहर में एक काफी तरीके से विजयदशमी का आह्वान किया जाता है विजयदशमी के दिन सर्वप्रथम हमारे शहर में माताकी जो भी मूर्तियां बनी रहती हैं 9 दिन तक शहर के अलग-अलग स्थान में माता की मूर्तियां बनाई जाती है और आज के दिन शुभ है उनको विसर्जित किया जाता है और इसी के साथ विजयदशमी बनाई जाती है साथ ही दिन से शाम के समय में हमारे शहर में काफी बड़े-बड़े रावण परिवार के पुतले भी बनाए जाते हैं जो कि देश हमारे देश में ही नहीं बल्कि पूरे विदेश में भी हमारे सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा की इन पुतलो की चर्चा की जाती है काफी बड़े-बड़े कितने हमारे शहर में बनाई जाती है और एक जगह में करता था उनका भी अंत किया जाता है ।।
यूं तो विजयदशमी पूरे भारतवर्ष में मनाई जाती है लेकिन हमारे शहर की विजयदशमी की बात हुई कुछ अलग है इसी के साथ यहां विजयदशमी हमारे शहर में काफी प्रसिद्ध है आप भी कभी विजयदशमी के दिन हमारे शहर अल्मोड़ा मैं आयेगा और इन पुतलों का लुफ्त उठाइए आशा करता हूं आपके यहां पोस्ट अच्छी लगी होंगे धन्यवाद।।🙏🙏

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