Hindi Shayari by Vinod Didel

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  1.  "कौनसा अंदाज़ है ये तेरी महोब्ब्त का,   ज़रा हमको भी समझा दे...
    मरने से भी रोकते हो, और जीने भी नहीं देते..
  2. तड़प    रही    हैं    साँसें,,,
    तुझे    महसूस   करने   को,,,
  3. फिज़ा    में     खुशबू    बनकर,,,
    बिखर   जाओ  तो  कुछ   बात   बने,,
  4. उजाले अपनी यादों के , हमारे साथ रहने दो , ना जाने किस गली में , ज़िंदगी की शाम हो जाये ..
  5. ले चल "मुझे" बचपन की...उन्हीं "वादियों" में...ए "जिन्दगी".....
    जहाँ न कोई "जरुरत" थी...और न कोई "जरुरी" था......
  6. बदल दिया है मुझे,
    मेरे चाहने वालो ने ही,
    वरना मुझ जैसे शख्स में,
    इतनी खामोशी कहाँ थी..
  7. मेरे लिए प्रेम ही ईश्वर है...
    ये जिन किताबों को छूता है.... मेरे लिए वेद हो जाती हैं
  8. कसक भी, टीस भी, गम भी, नज़र भी, जान भी, दिल भी
    बड़ी गुलज़ार रहती है अकेलेपन की महफ़िल भी
  9.  निभाते नहीं है लोग आजकल वरना,
    इंसानियत से बड़ा रिश्ता कौनसा है।
  10. तेरी यादों की खुशबू से, हम महकते रहतें हैं!!
    जब जब तुझको सोचते हैं, बहकते रहतें हैं!!
  11. मेरे तबाह होने की मुराद रखता है कोई
    चलो, इस ही बहाने हमें याद रखता है कोई!!
  12. दिल  से
    दिल का
    फासला कुछ यूँ
    तय हो जाए,,,,,!!!!
     दिल मेरा धड़के
                           और तुझे खबर हो जाए,,,,,!!!!

  13. बहुत अजीब हैं तेरे बाद की, ये बरसातें भी...
    हम अक्सर बन्द कमरे में भिग जाते हैं...
  14. दोस्तों के दिलों में रहने की इज़ाज़त नहीं मांगी जाती ...
    ये तो वो जगह है, जहां कब्जे किए जाते हैं
  15. मिलते रहना सबसे..
    किसी ना किसी बहाने से...
    रिश्ते मजबूत बनते है
    दो पल साथ बिताने से..!!
  16. हमें तुमसे कोई शिकायत नहीं;
    शायद हमारी किस्मत में चाहत नहीं!
    मेरी तकदीर को लिखकर तो ऊपर वाला भी मुकर गया;
    पूछा तो कहा, "ये मेरी लिखावट नहीं"!
  17.  जिंदगी जीलो साहब..
    बाकी एक दिन ऐसा आयेगा
    कि आपके ही प्रोग्राम में
    आपकी गैरहाजिरी होगी
Hindi Shayari by Vinod Didel | Ecency